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Ammeter in Hindi : परिभाषा ,प्रकार ,कार्य सिद्धांत तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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Ammeter क्या होता है?

ऐसा विधुत उपकरण जिसका उपयोग किसी विधुत सर्किट में प्रवाहित होने वाली विधुत धारा (Electric Current) को मापने के लिए किया जाता है उसे अमीटर कहते है। किसी चालक से प्रवाहित विधुत आवेश के प्रवाह को विधुत धारा कहते है। विधुत धारा को एम्पियर में मापा जाता है। इसलिए विधुत धारा मापने वाले यन्त्र को एम्पियर मीटर भी कहा जाता है। एक आइडियल अमीटर का आन्तरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) शून्य होता है लेकिन वास्तव में उपयोग किये जाने वाले अमीटर का आंतरिक प्रतिरोध शून्य नहीं होता है। अमीटर द्वारा मापे गए विधुत धारा की शुद्धता इसके आंतरिक प्रतिरोध पर निर्भर करता है। 

Ammeter को सर्किट में कैसे दिखाया जाता है?

Ammeter को विधुत परिपथ में दिखाने के लिए एक Symbol का प्रयोग किया जाता है जिसमे एक वृत होता है और इस वृत के अन्दर अंग्रेजी के बड़े अक्षर A लिखा हुआ रहता है। इस वृत के दोनों तरफ दो टर्मिनल निकले हुए होते है जैसे की निचे के चित्र में दिखाया गया है :-
Ammeter in hindi

Ammeter कार्य सिद्धांत 

अमीटर को विधुत परिपथ में विधुत धारा मापने के लिए श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है जिससे की प्रवाहीत होने वाली सम्पूर्ण विधुत धारा मीटर से होकर गुजरे। अमीटर का आंतरिक प्रतिरोध तथा इसमें लगे हुए Coil का Inductive reactance बहुत कम होता है। अर्थात अमीटर का कुल आंतरिक प्रतिरोध बहुत ही कम  होता है।  आंतरिक प्रतिरोध कम होने की वजह से अमीटर में वोल्टेज ड्राप बहुत ही कम होता है। जब मीटर को विधुत परिपथ से जोडा जाता है तब परिपथ से प्रवाहित होने वाली विधुत धारा अमीटर से होकर प्रवाहित होती है। यह विधुत धारा जब मीटर के Coil से होकर गुजरती है तब विधुत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के कारण ,coil में बल आघूर्ण उत्पन्न हो जाता है जिससे Coil से जुडा हुआ पॉइंटर स्केल पर deflect होता है। जैसे की निचे के चित्र में दिखाया गया है :-
Ammeter in Hindi

Ammeter कितने प्रकार के होते है?

Ammeter का वर्गीकरण उसके डिजाईन तथा उससे प्रवाहित होने वाली विधुत धारा के आधार पर किया जाता है। Ammeter के कंस्ट्रक्शन के आधार पर निम्न वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है :-
  • PMMC Ammeter 
  • मूविंग आयरन Ammeter 
  • Electro-Dynometer Ammeter
  • रेक्टिफायर टाइप Ammeter

PMMC(Permanent Magnet Moving Coil) Ammeter

जैसे नाम से ज्ञात होता है की इस प्रकार के Ammeter में Permanent अर्थात स्थायी चुंबक का उपयोग चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। घुमने वाली Coil को इस चुम्बकीय क्षेत्र के अन्दर रखा जाता है। इस Coil से पॉइंटर जुड़ा हुआ रहता है। जब Coil में विधुत धारा प्रवाहित होती है तब यह अपने साम्य अवस्था (rest Position) से Deflect होने लगता है जिससे इससे जुडा हुआ पॉइंटर भी स्केल पर घूमने लगता है। Coil में उत्पन्न होने वाला डिफ्लेक्शन उसमे प्रवाहित होने वाली विधुत धारा पर निर्भर करता है। PMMC Ammeter का उपयोग केवल डीसी करंट मापने के लिए किया जाता है। 

मूविंग आयरन अमीटर क्या होता है?

यह एक विशेष प्रकार का विधुत मापन यन्त्र होता है। मूविंग आयरन अमीटर का उपयोग डीसी तथा एoसी दोनों प्रकार के विधुत धारा मापने के लिए किया जाता है। मूविंग आयरन अमीटर में एक सॉफ्ट आयरन का टूकडा जो की पॉइंटर से जुड़ा हुआ रहता है , को चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने वाले Coil बीच में एक घुमने वाले सिस्टम के मदद से लटका रहता है। जिस विधुत धारा को मापना होता है उसे चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने वाले Coil से जोड़ते है। जब विधुत धारा Coil में प्रवाहित होती है यह एक विधुत चुंबक की तरह कार्य करने लगता है जिससे सॉफ्ट आयरन का टूकडे में डिफ्लेक्शन होने लगता है और इससे जुड़ा हुआ पॉइंटर स्केल पर रीडिंग देने लगता है। 

Electro-Dynometer Ammeter क्या होता है?

यह भी एक विशेष प्रकार का विधुत मापन यन्त्र होता है। इस  अमीटर का उपयोग भी डीसी तथा एoसी दोनों प्रकार के विधुत धारा मापने के लिए किया जाता है। इसमें दो प्रकार के Coil का उपयोग किया जाता है। इन दोनों Coil में एक Coil फिक्स्ड रहता है तथा दूसरा घुमने के लिए आजाद। फिक्स्ड Coil अमीटर में चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है तथा दूसरा घुमने वाला Coil इस चुंबकीय क्षेत्र में घूमता रहता है। इस घूमने वाले Coil को पॉइंटर से जोड़ दिया जाता है। जिस विधुत धारा को मापना होता है उसे फिक्स्ड Coil में प्रवाहित किया जाता है जिससे इसमें एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस प्रकार उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र जब घुमने वाले Coil से लिंक करता है तब उसमे एक वोल्टेज उत्पन्न हो जाता है। इस प्रकार उत्पन्न वोल्टेज के कारण इस Coil में भी विधुत धारा का प्रवाह होने लगता है और इस विधुत धारा के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र मुख्य चुंबकीय क्षेत्र के विरोध उससे दूर भागने लगता है जिससे पॉइंटर Deflect होने लगता है और स्केल पर रीडिंग देने लगता है। 

रेक्टिफायर टाइप Ammeter

यह केवल एoसी विधुत धारा मापने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें मापने वाले एoसी विधुत धारा को Rectifier द्वारा पहले डीसी में बदल दिया जाता है और दुबारा उसे PMMC या अन्य दुसरे अमीटर के मदद से माप लिया जाता है। Rectifier अमीटर में  दो प्रकार के विधुत सर्किट का उपयोग किया जाता है। पहले सर्किट का कार्य एoसी विधुत धारा को डीसी विधुत धारा में बदलना होता है तथा दुसरे का कार्य उस डीसी विधुत धारा को PMMC से मापना होता है। 

इसके अतिरिक्त डीसी विधुत धारा मापने वाले अमीटर को डीसी अमीटर तथा एoसी विधुत धारा मापने वाले अमीटर को एoसी अमीटर कहते है। 

एनालॉग अमीटर क्या होता है?

वैसा अमीटर जो मापे गए विधुत धारा के परिमाण को किसी पॉइंटर की मदद से एक स्केल पर निरुपित करे उसे एनालॉग अमीटर कहते है। ऊपर बताये गए सभी अमीटर  एनालॉग अमीटर के श्रेणी में आते है। 

डिजिटल अमीटर क्या होता है?

वैसा अमीटर जो मापे गए विधुत धारा के परिमाण को किसी सांख्यिक रूप में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड  पर निरुपित करे उसे डिजिटल अमीटर कहते है। 

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Pintu Prasad
I am an Electrical Engineering graduate who has five years of teaching experience along with Cooperate experience.

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