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Electrical Earthing In Hindi : परिभाषा ,प्रकार तथा महत्व - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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 इलेक्ट्रिकल अर्थिंग क्या होता है?

कम प्रतिरोध वाले तार की मदद से विधुत उर्जा (Electrical Energy) के तत्काल निर्वहन को सीधे पृथ्वी तक स्थान्तरित करने की प्रक्रिया इलेक्ट्रिकल अर्थिंग कहलाती है। विधुत उपकरण के बाहरी भाग जो  विधुत उपकरण को सुरक्षा प्रदान करते  है ,को किसी चालक द्वारा  सीधे पृथ्वी से जोड़कर  अर्थिंग  की जाती है। जैसे की निचे के चित्र में दिखाया गया है :-
Electrical Earthing in hindi

अर्थिंग क्यों किया जाता है?

अर्थिंग से विधुत उपकरण सुरक्षित हो जाते है। अर्थात अर्थिंग करने का मुख्य उदेश्य विधुत उपकरण के साथ साथ उसके संपर्क में आने वाली जीव जंतु सुरक्षित करना है। किसी कारण से जब विधुत उपकरण का इंसुलेशन टूट जाता है तब उपकरण के सर्किट से विधुत धारा का प्रवाह उपकरण के फ्रेम में होने लगता है जिससे उपकरण में लगे दुसरे भाग ख़राब हो जाते है। इसके अतिरिक्त यदि कोई जीव जंतु जब इसको छूता है तब उसे विधुत का झटका लग जाता है। परन्तु जब उपकरण को चालक के मदद से पृथ्वी से जोड़ दिया जाता है तब यह विधुत धारा चालक की मदद से पृथ्वी में चली जाती है जिससे विधुत उपकरण सुरक्षित हो जाते है और इसको छूने पर विधुत का झटका भी नहीं लगता है। 

Electrical Earthing कितने  प्रकार की होती है?

किसी भी विधुत उपकरण में दो ऐसे भाग होते है जिसमे किसी भी प्रकार का विधुत धारा प्रवाहित नहीं होता है। उनमे से एक उस विधुत उपकरण का फ्रेम होता है और दूसरा उस विधुत उपकरण के आंतरिक सर्किट का न्यूट्रल बिंदु (Neutral Point) होता है। इन दोनों को पृथ्वी से जोड़ने के आधार पर इलेक्ट्रिकल अर्थिंग को दो भागो में विभाजित किया जा सकता है :-
  • न्यूट्रल अर्थिंग (Neutral Earthing)
  • उपकरण अर्थिंग (Equipment Earthing)

न्यूट्रल अर्थिंग क्या होती है?

इस प्रकार के अर्थिंग में सर्किट के न्यूट्रल पॉइंट को कम प्रतिरोध वाले चालक के मदद से सीधे पृथ्वी से जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार की अर्थिंग वैसे विधुत उपकरण में की जाती है जिनमे स्टार कनेक्शन किया हुआ होता है। जैसे थ्री फेज वाले ट्रांसफार्मर और मोटर जिनमे स्टार वाइंडिंग की हुई होती है। 
neutral earthing

उपकरण अर्थिंग क्या होती है?

इस प्रकार के अर्थिंग में विधुत उपकरण के फ्रेम जो कि किसी धातु के बने होते है , को कम प्रतिरोध वाले चालक के मदद से सीधे पृथ्वी से जोड़ दिया जाता है। यदि किसी कारण से विधुत उपकरण में शोर्ट सर्किट होता है और विधुत धारा उपकरण के बाहरी फ्रेम में चलने लगती है तब वह विधुत धारा चालक से होते हुए पृथ्वी में चली जाएगी जिससे विधुत उपकरण सुरक्षित हो जायेगा। जैसे की निचे दिखाया गया है। 
Electrical Earthing in hindi

Electrical अर्थिंग के महत्व 

  • इलेक्ट्रिकल अर्थिंग करने से शोर्ट सर्किट करंट से सुरक्षा होती है। 
  • इंसुलेशन टूटने के बाद जो शोर्ट सर्किट करंट होते है उसे प्रवाहित होने के लिए आसान रास्ता मिल जाता है। 
  • अर्थिंग हाई वोल्टेज  तथा Surge वोल्टेज से सुरक्षा प्रदान करता है। 

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