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Stepper Motor In Hindi : परिभाषा ,कार्य सिद्धांत तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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Stepper Motor क्या होता है ?

यह एक विशेष प्रकार का ब्रशलेश डीसी मोटर होता है जो विधुत उर्जा को यांत्रिक उर्जा में परिवर्तित करता है। इसके रोटर का घूर्णन छोटे छोटे स्टेप में होता है। अर्थात इसका रोटर एक निश्चित कोण से घूमता है। छोटे छोटे स्टेप में घुमने की वजह से ही इसे स्टेपर मोटर कहा जाता है। स्टेपर मोटर के पुरे घूर्णन को छोटे छोटे कोणों में बाट दिया जाता है। जैसे 5,10,15,20,25,30,35 ,40 आदि। मोटर अपने पुरे घूर्णन काल में प्रत्येक स्टेप में केवल 5 डिग्री ही विस्थापित होता है। यह वैसे स्थानों पर उपयोग किया जाता है जहा नियत बलाघूर्ण या किसी वस्तु के स्थान को नियत बनाये रखना होता है। 

स्टेपर मोटर कैसे कार्य करता है?

अन्य दुसरे मोटर की तरह  स्टेपर मोटर का बेसिक कार्य सिध्दांत भी फैराडे के म्यूच्यूअल इंडक्शन सिध्दांत ही है। लेकिन इसकी कार्य प्रणाली दुसरे सामान्य विधुत मोटर से बिलकुल भिन्न होती है। स्टेपर मोटर के स्टेटर में विभिन्न स्लॉट बनाये हुए होते है जिनमे वाइंडिंग रखी हुई होती है। सॉफ्ट आयरन से इसके रोटर को बनाया जाता है जिस पर किसी भी प्रकार की वाइंडिंग नहीं होती है। 

स्टेटर में एक से ज्यादा वाइंडिंग लगी हुई होती है। स्टेटर वाइंडिंग में विधुत धारा को लॉजिक सर्किट के मदद से प्रवाहित किया जाता है। जब स्टेटर वाइंडिंग में विधुत धारा प्रवाहित होता है तब इसमे चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न हो जाता है जो रोटर के साथ लिंक कर जाता है। चुंबकीय फ्लक्स लिंक होने की वजह से रोटर पर एक बलाघूर्ण कार्य करने लगता है जिससे रोटर घुमने लगता है। 

लेकिन स्टेपर मोटर में स्टेटर के सभी वाइंडिंग में विधुत धारा को एक साथ प्रवाहित नहीं किया जाता है। मोटर को जितने स्टेप एंगल से घुमाना होता है उतने एंगल पर स्थित स्टेटर वाइंडिंग को ही विधुत धारा दिया जाता है। किसी निश्चित एंगल पर स्थित स्टेटर वाइंडिंग का चुनाव रोटर पर लगे हुए सेंसर द्वारा किया जाता है। सेंसर से मिले हुए सिग्नल के मदद से माइक्रो कंट्रोलर एक प्रॉपर वैल्यू का सिग्नल उत्पन्न करता है जिससे  मोटर को संचालित करने वाला  IC ऑन हो जाता है और रोटर उतने कोण से विस्थापित हो जाता है। 

स्टेपर मोटर कितने प्रकार का होता है ?

रोटर व्यवस्था के आधार पर स्टेपर मोटर को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है :-
  • वेरिएबल रेलुक्टांस स्टेपर मोटर (Reluctance Stepper Motor)
  • परमानेंट मैगनेट स्टेपर मोटर(Permanent Magnet Stepper Motor)
  • हाइब्रिड स्टेपर मोटर(Hybrid Stepper Motor)

स्टेपर मोटर का प्रयोग कहा किया जाता है ?

स्टेपर मोटर का प्रयोग निम्न स्थानों पर किया जाता है :-
  • इसका उपयोग रोबोट्स बनाने में किया जाता है। 
  • इसका उपयोग प्रिंटिंग मशीन में किया जाता है। 
  • इसका उपयोग वेल्डिंग मशीन में भी किया जाता है। 
  • इसका उपयोग लेथ मशीन में किया जाता है। 
  • इसका Xray मशीन में किया जाता है। 
  • सॅटॅलाइट में सोलर प्लेट के स्थिति नियंतरण में इसका उपयोग किया जाता है। 

स्टेपर मोटर के लाभ तथा हानि क्या है ?

स्टेपर मोटर के निम्न लाभ एवं हानि है :-

लाभ 

  • स्मोटेपर मोटर  का निर्माण सरल  होता है।
  • जब स्टेपर मोटर रुका हुआ होता है तब इसका यह अधिकतम टार्क उत्पन्न करता है।
  • यह  कम खर्चीला होता हैं।
  • इसका मेंटेनेंस खर्च बहुत कम होता है।
  • स्टेपर मोटर में  स्टार्टिंग  तथा नियंतरण सटीक होता है ।

हानि 

  • सामान्य डीसी मोटर की तुलना में इसे संचालित करने के लिए ज्यादा विधुत धारा की आवश्यकता होती है। 
  • जैसे जैसे स्टेपर मोटर की गति बढती टार्क कम होने लगता है। 
  • इसकी दक्षता बहुत कम होता है। 
  • उच्च गति पर स्टेपर मोटर का नियंत्रण मुश्किल होता है।  

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