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EMF क्या होता है (परिभाषा तथा मात्रक ) - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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emf क्या होता है?

emf का full form - electromotive force होता है। यह एक बहुत ही जटिल शब्द (Complex Word) है। ज्यादातर विद्यार्थी इसका असली मतलब समझ ही नहीं पाते है। यदि आप किसी से emf तथा विभवांतर में अंतर पूछेंगे वह व्यक्ति स्पष्ट रूप से आपको इन दो शब्दों के बीच अंतर नहीं बता पायेगा। 

emf को हिंदी में विधुत वाहक बल कहते है। जैसे नाम से ज्ञात होता है की यह किसी प्रकार का बल है जो विधुत का वाहन करता है। लेकिन यह किसी भी प्रकार का बल नहीं है। 

emf या विधुत वाहक बल किसी विधुत श्रोत (विधुत सेल ,बैटरी) आदि का एक आंतरिक गुण है जो सेल या बैटरी के अंदर रासायनिक अभिक्रिया से उत्पन्न हुए आयन्स को इलेक्ट्रोड्स (धनात्मक तथा ऋणामतक सिरों) के  तरफ धकेलता है या टर्मिनल्स पर बनाये रखता है। 

emf  का परिमाण टर्मिनल्स पर मौजूद आयन्स के संख्या पर निर्भर करता है, चूँकि आयन्स विधुतीय होते है और जब ये इलेक्ट्रोड के टर्मिनल पर इकठ्ठा होते है तब यह इलेक्ट्रोड का टर्मिनल एक विभव की तरह कार्य करने लगता है इसलिए इसे वोल्ट में मापा जाता है। इस कारण emf को भी वोल्ट में मापा जाता है। 

किसी भी बैटरी या सेल का emf इससे जुड़े लोड पर निर्भर नहीं करता है। यदि बैटरी से जुड़े लोड को बढ़ाया या घटाया जाये ,तब emf बदलता नहीं है। यह हमेशा नियत रहता है। 

Meaning of Induction in Hindi  | Induce Meaning in Hindi 

Induction  तथा Induce दोनों एक ही तरह से फिजिक्स में उपयोग होते है। यदि आप किसी भौतिकी शास्त्र के विद्यार्थी से इन दोनों शब्दों का अर्थ पूछेंगे तब वे आपको एक ही तरह का जवाब देंगे लेकिन यदि आप किसी अंग्रेजी भाषा के विद्धान या विद्यार्थी से पूछेंगे तो वे आपको इन दो शब्दों के अलग अलग अर्थ बताएँगे। 

Induced Charge In HIndi

Induce का हिंदी में अर्थ होता है प्रेरित करना। 
हमने अक्सर देखा है जब किसी चुंबकीय पदार्थ(निकिल ,लोहा आदि ) को किसी स्थायी चुम्बक के नजदीक लाते है तब इस चुम्बकीय पदार्थ में भी चुम्बकीय गुण उत्पन्न हो जाता है और यह स्थाई चुम्बक के तरफ आकर्षित होने लगता है। चुम्बकीय पदार्थ में इस प्रकार चुम्बकीय गुण उत्पन्न होने की घटना प्रेरण (Induction) कहलाती है। 

इसी प्रकार जब किसी आवेशित धातु के पास में कोई दूसरी धातु को रखा जाता है तब इस दूसरी धातु में भी विपरीत प्रवृति का आवेश उत्पन्न हो जाता है। इस प्रकार आवेश उत्पन्न होने की घटना प्रेरण(Induction) कहलाती है। 

प्रेरण (Induction) कैसे होता है?

आवेशित वस्तु हो या स्थाई चुम्बक ,सभी अपने चारो तरफ एक क्षेत्र उत्पन्न करते है। यदि यह क्षेत्र चुंबक द्वारा उत्पन्न हुआ है तब इसे चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) या यदि यह आवेशित वस्तु द्वारा उत्पन्न हुआ है तब इसे विधुत क्षेत्र (Electric Field) कहते है। 

जब इस विधुत क्षेत्र में कोई दूसरी वस्तु रखी जाती है तब वस्तु के परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रान अपने ऊपर एक विधुत बल को अनुभव करते है तथा इस क्षेत्र के विपरीत दिशा में भागने लगते है तथा धातु के दूसरे टर्मिनल पर इकठ्ठा (Collect) होने लगते है। जिससे यह टर्मिनल ऋणावेशित हो जाता है तथा इसके विपरीत दूसरे टर्मिनल पर धन आवेश इकठ्ठा होने लगते है और यह टर्मिनल धनावेशित हो जाता है। 

इस प्रकार धातु के दोनों टर्मिनल के बीच ऋण तथा धन आवेश उत्पन्न होने के कारण के कारण एक emf  उत्पन्न हो जाता है। इस प्रकार उत्पन्न हुए emf को induce emf कहते है। 

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