- DC Motor Control Method IN Hindi |डीसी मोटर का स्पीड कण्ट्रोल सिद्धांत - इलेक्ट्रिकल डायरी:हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

DC Motor Control Method IN Hindi |डीसी मोटर का स्पीड कण्ट्रोल सिद्धांत

DC Motor Speed Control

डीसी मोटर के स्पीड को कण्ट्रोल (dc motor speed control) करने के बारे में जानने से पहले यह जानना जरुरी है की  DC motor का  स्पीड किस किस इलेक्ट्रिकल पैरामीटर पर निर्भर करता है।


यदि हमें इन पैरामीटर की जानकारी हो गयी तो DC Motor की स्पीड को आसानी से कण्ट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए DC MOTOR के आर्मेचर में उत्पन हुए BACK EMF तथा Speed में जो संबंध होता है उसे समझना होगा तथा उसी संबंध के आधार पर DC मोटर के स्पीड कण्ट्रोल करने के लिए , स्पीड तथा मोटर से संबंधित अन्य पैरामीटर में संबंध स्थापित कर सकते है।  DC Motor के आर्मेचर में Induced हुए BACK EMF तथा  Speed में निम्न प्रकार का संबंध होता है। 

E(back emf) =NPΦZ/60A------------------(1)

अगर हम मोटर के बाहरी टर्मिनल पर applied वोल्टेज तथा आर्मेचर में उत्पन हुए BACK EMF  में संबंध स्थापित करे तो यह कुछ इस तरह होगा 

 V = IaRa + E

  E = V - IaRa -------------(2)
जहां 
  • Ra = Armature Resistance
  • Ia = Armature Current
  • N = Speed of the motor
  • P   = Number of Pole of the motor
  • Φ  = Flux Per Pole
  • Z = No.of Conductor
  • A = No of Parallel Path
अगर ऊपर दिए गए समीकरण (1)  को  मोटर के स्पीड (N) के लिए Solve करे तो यह कुछ इस तरह होगा 

N =60AE/PZΦ----------------(3)

समीकरण (3) से ज्ञात किया गया मोटर का स्पीड RPM में होता है। कोई भी मोटर जिसका डायमेंशन (dimension)  निश्चित हो  उसके लिए A ,P और Z का मान नियत (Constant) होता है।

जेनर डायोड के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करे। 

 अतः इन सभी पैरामीटर (A ,P और Z ) को एक दूसरे नियतांक (constant )  K से हटाया (Remove)  जा सकता है। इन सभी नियत पैरामीटर को हटाने के बाद  मोटर के स्पीड का संबंध कुछ इस तरह से होगा। 

N = K(E/Φ) ------------------------------------(4)

अगर मोटर के स्पीड तथा बाहर से मोटर के टर्मिनल पर आरोपित किये गए वोल्टेज में  संबंध  स्थापित करे तो यह कुछ इस तरह होगा 

N = K(V -IaRa)/Φ -------------(5)

 ऊपर के समीकरण (5) से साफ़ हो गया कि  किसी भी डीसी मोटर (DC Motor) का स्पीड उस मोटर के आर्मेचर में प्रवाहित विधुत धारा (Ia) , आर्मेचर रेजिस्टेंस (Ra) तथा प्रत्येक पोल द्वारा उत्पन्न हुए  चुंबकीय फ्लक्स (Φ(Magnetic Flux) पर निर्भर करता है। 

ट्रांजिस्टर के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करे। 

इन तीनो पैरामीटर में से किसी एक को बढ़ा या घटाकर  मोटर के स्पीड  को बढ़ाया या घटाया जा सकता है। इन पैरामीटर के आधार पर ही डीसी मोटर के स्पीड कण्ट्रोल के लिए विभिन्न तरह के स्पीड कन्ट्रोल डिवाइस बनाये गए है। 

डीसी मोटर स्पीड को प्रभावित करने वाले इन्ही पैरामीटर के आधार पर स्पीड कण्ट्रोल करने के लिए स्पीड कंट्रोलर बनाये जाते है। उनमे से कुछ उपयोग किये जाने वाले  कुछ कॉमन तरीके (Method)  इस तरह है :-

आर्मेचर सर्किट में Variable resistor के मदद से आर्मेचर रेजिस्टेंस (Ra) को बदलकर मोटर के स्पीड कण्ट्रोल करने के विधि को Armature Resistance Control या Rheostatic Control कहते है.

मोटर के चुंबकिये फ्लक्स को बदलकर स्पीड कण्ट्रोल करने के विधि को Field Flux Control method कहते है। 

मोटर के बाहरी टर्मिनल पर लगाए गए वोल्टेज को बदलकर मोटर स्पीड कण्ट्रोल करने की विधि Armature Voltage Control मेथड कहलाती है।

सिंगल फेज इंडक्शन मोटर के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करे।
डायोड के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करे।   

No comments:

Powered by Blogger.