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Capacitor In Hindi |Types of capacitor In Hindi -Complete Detail

Capacitor in Hindi
Capacitor 

जब हमारे घर में लगा हुआ पंखा नहीं चलता या धीमा चलता है तब हमने अक्षर सुना की कहा जाता है की इसका Capacitor बदल दो ,यह तेज चलने लगेगा। बस यही हम यही पर Capacitor का नाम सुनते है। और हमारे पास इसके बारे में कोई अधिक जानकारी भी नहीं होती है। 

लेकिन आज के बाद आपके पास Capacitor से संबंधित जानकारी इस पोस्ट को पढ़ने के बाद हो जाएगी क्योकि कपैसिटर से संबंधित सभी प्रकार के जानकरी मै इस पोस्ट के माध्यम से शेयर करने जा रहा हु। बस आपको इस पोस्ट को अंत तक एक बार पढ़ना है। हां एक बात और जान लीजिए capacitor को ही Condenser भी कहा जाता है। तो चलिए कपैसिटर की परिभाषा से इसकी कुंडली खोलते है :-

What is Capacitor In hindi? | हिंदी में कपैसिटर क्या होता है?

कपैसिटर एक प्रकार का एक Passive इलेक्ट्रॉनिक्स Component होता है जो Electric Field में विधुत ऊर्जा का संग्रहण (Store) करता है। Resistor के सामान ही कपैसिटर भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स है। इसका उपयोग बहुत बड़े स्तर पर पावर सिस्टम ,इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट ,कम्युनिकेशन तथा कंप्यूटर चिप में होता है। Capacitor में दो धात्विक (Metalic)  प्लेट के बीच में Insulating Material को भर कर बनाया जाता है। Capacitor को सर्किट में निम्न तरीका से दिखाया जाता है। 
capacitor in hindi
Capacitor Symbol 

किसी भी कपैसिटर का Capacitance उसके भौतिक संरचना पर निर्भर करता है तथा कपैसिटर का Capacitance निम्न फार्मूला द्वारा दिया जाता है। 
जहां 
C = Capacitance है 
A = धात्विक Plate का क्षेत्रफल 
d = दोनों प्लेट के बीच की दुरी 
є = दोनों प्लेट के बीच भरे गए पदार्थ की Permittivity  

Capacitor theory in Hindi

कपैसिटर के Capacitance को फैराड में मापा जाता है। यह Capacitance का एक बहुत बड़ा मात्रक है। 
सामान्यतः किसी भी कपैसिटर का Capacitance मान निम्न तीन बातो पर निर्भर करता है। 

धात्विक प्लेट के क्षेत्रफल पर - प्लेट का क्षेत्रफल जितना अधिक होगा Capacitance का मान उतना ही अधिक होगा। 
दोनों प्लेट के बीच के दुरी पर - प्लेट के बीच की दुरी जीतनी कम होगी ,Capacitance की वैल्यू उतना ही ज्यादा होगा। 
प्लेट के बीच डाले गए पदार्थ के Permittivity - प्लेट के बीच डाले गए पदार्थ की Permittivity जीतनी ही अधिक होगी Capacitance का मान भी उतना ही अधिक होगा।  
चूँकि हमने ऊपर बताया  की  कपैसिटर विधुत ऊर्जा का संचयन करता है। यह विधुत ऊर्जा का संचयन आवेश के रूप में करता है।

जब कपैसिटर के दोनों प्लेट के बीच में V Volt का वोल्टेज आरोपित किया जाता है तब वोल्टेज श्रोत से आवेश निकलकर एक प्लेट पर धन आवेश तथा दूसरे प्लेट पर ऋण आवेश इकठा हो जाते है। जैसे की नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है। 

प्लेट पर इकठ्ठा होने वाले आवेश की संख्या आरोपित वोल्टेज के समानुपाती होता है। अर्थात जितना ज्यादा वोल्टेज को बढ़ाया जायेगा उतना ज्यादा आवेश इकठ्ठा होंगे। यदि इकठ्ठा हुए आवेश का परिमाण q हो तो 
q ∝ V 
q = CV
जहां C एक proportionality Constant है। तथा इसे ही कपैसिटर की Capacitance कहते है।

कपैसिटर में ऊर्जा का संचयन कैसे होता है? (How is energy stored in Capacitor?)

चूँकि हम जानते है की कपैसिटर के दोनों धात्विक प्लेट के बीच में कुचालक पदार्थ (Insulating Material)जिसे Dielectric कहा जाता है ,को डाला जाता है। 

इसलिए जब दोनों प्लेट को किसी बाह्य विधुत ऊर्जा श्रोत (बैटरी ,सेल ) से जोड़ा जाता है तब कपैसिटर से इलेक्ट्रान ड्रिफ्टिंग के कारण बहुत ही क्षीण विधुत धारा का  प्रवाह होता है जिसे Displacement Current कहते है।
 बैटरी के टर्मिनल से निकलकर आने वाले धन तथा ऋण आवेश बैटरी के प्लेट पर इकट्ठा होने लगते है। इन आवेशों की संख्या प्लेट पर बढ़ने के कारण दोनों प्लेट के बीच में एक विधुत क्षेत्र स्थापित हो जाता है।

इससे दोनों प्लेट के बीच में विधुत ऊर्जा ,इलेक्ट्रिक फील्ड के रूप में स्थापित हो जाती है। कपैसिटर में स्थापित विधुत ऊर्जा को निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है। 
capacitor in hindi

Types of capacitor In Hindi | कपैसिटर का प्रकार हिंदी में 


कपैसिटर को बड़े स्तर पर उसमे डाले गए कुचालक पदार्थ तथा कार्य के आधार पर मुख्यतः दो भागो में बाटा जाता है। इसके अलावा कपैसिटर को उसके आकर के आधार पर मुख्य तीन भाग में बांटा जाता है। यहाँ हम कपैसिटर को मुख्यतः ऊपर बताए गए तीन भागो में ही बाटेंगे और उनका अध्ययन करेंगे।

AC वोल्टेज को कैसे उत्पन्न किया जाता है?

कपैसिटर के कार्य के आधार पर मुख्य रूप से तीन भाग में बांटा जाता है और तीन प्रकार के कपैसिटर निम्न है :-


(1)Fixed Capacitor :- यह एक ऐसा कपैसिटर होता है जिसका capacitance हमेशा नियत रहता है। इस प्रकार के कपैसिटर का उपयोग इलेक्ट्रिकल उपकरण तथा इलेक्ट्रिकल संबंधी अन्य कार्य के लिए किया जाता है। जैसे कुछ फिक्स्ड कपैसिटर है :- पेपर ,माइका आयल dielectric कपैसिटर आदि 

(2)Adjustable  Capacitor :- जैसा नाम से ही मालूम पड़ता है की यह एक ऐसा कपैसिटर होगा जिसका Capacitance किसी घूमने वाले स्क्रू के मदद से adjust किया जा सकता है। इस प्रकार के कपैसिटर का उपयोग ज्यादातर रेडियो रिसीवर तथा ट्रांसमीटर में किया जाता है। 

(2)Variable Capacitor:- यह भी एक ऐसा कपैसिटर होता है जिसका Capacitance मान एक दिए गए Range में अपने आप जरुरत के हिसाब से बदलता रहता है। इस प्रकार के कपैसिटर का भी उपयोग रेडियो रिसीवर तथा ट्रांसमीटर में किया जाता है। जैसे :- Gangue Capacitor 

MCB क्या होता है ? यहाँ जाने। 

कपैसिटर में उपयोग किये गए कुचालक पदार्थ के  आधार पर मुख्य रूप से पांच  भाग में बांटा जाता है और पांच  प्रकार के कपैसिटर निम्न है :-


(1)Mica Capacitor :- इस प्रकार के कपैसिटर में Insulating Material के रूप में पतले माइका शीट का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कपैसिटर का Capacitance वैल्यू 0.1μF  का होता है तथा ये 2500 DC Volt Supply पर कार्य कर सकते है। 

(2)Paper Capacitor :- इस प्रकार के कपैसिटर में Insulating Material के रूप में Wax Paper का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कपैसिटर का Capacitance वैल्यू 2.5 μF का होता है तथा ये 2000 DC Volt Supply पर कार्य कर सकते है। 

(3)Ceramic Capacitor :- इस प्रकार के कपैसिटर में Insulating Material के रूप में Ceramic  Material का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कपैसिटर का Capacitance वैल्यू 0.2  μF का होता है तथा ये 1500 DC Volt Supply पर कार्य कर सकते है। 

(4)Electrolytic Capacitor :- इस प्रकार के कपैसिटर में Insulating Material के रूप में Electrolyte  जैसे Ammonium Borrate,Aluminium borateका प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कपैसिटर का Capacitance वैल्यू 2000 μF का होता है तथा ये 450 DC Volt Supply पर कार्य कर सकते है। 

(5)Oil Dielectric Capacitor :- इस प्रकार के कपैसिटर में Insulating Material के रूप में Mineral Oil   Material का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कपैसिटर का Capacitance वैल्यू 1μF का होता है तथा ये 25000  DC Volt Supply पर कार्य कर सकते है। 

Capacitance को मापते कैसे है ?

चूँकि Capacitance किसी भी वस्तु का भौतिक गुण है इसलिए इसका मापन भी जरुरी है। सभी भौतिक राशियों की तरह कपैसिटर के Capacitance Value को भी मापा जाता है। Capacitance का SI मात्रक फैराड होता है। इसे अंगेजी के बड़े अक्षर F द्वारा सूचित किया जाता है। यह Capacitance का एक बहुत ही बड़ा मात्रक है। इसलिए वास्तिक रूप में कपैसिटर के Capacitance वैल्यू को भिन्नात्मक रूप में ही दिखाया जाता है। जैसे एक माइक्रो फैराड (1μF) , नैनो फैराड (1nF) आदि 

Capacitance के कुछ Standard मात्रक जो ज्यादातर उपयोग किये जाते है। 

One Micro Farad =  1μF = 10-6F
One Nano Farad =  1nF = 10-9 F
One Pico Farad  1pF = 10-12 F

कपैसिटर इलेक्ट्रिक सर्किट में कार्य क्या करता है ?

किसी इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट में कपैसिटर निम्न प्रकार का कार्य कर सकता है:-
  • यह इलेक्ट्रिक सर्किट में आवेश को Store कर सकता है। इस तकनीक का उपयोग Camaera में Instantneous bright Spot क्रिएट करने के लिए किया जाता है। 
  • चूँकि कपैसिटर में दो धात्विक प्लेट एक दूसरे से इंसुलेटिंग मटेरियल द्वारा अलग अलग होते है इसलिए कपैसिटर का उपयोग किसी सिग्नल में मौजूद Ripple को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है क्योकि यह DC Current को ब्लॉक कर देता है। 

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