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Power Factor In Hindi | Power Factor kya hota hai

What is Power Factor ?
Power factor for AC Circuit


जब किसी electrical circuit में कोई DC करंट प्रवाहीत की जाती है तो इस सर्किट में वोल्टेज तथा करंट एक ही फेज में होते है। अगर सरल भाषा में बोले तो करंट तथा वोल्टेज एक साथ होते है। जब वोल्टेज तथा करंट एक ही फेज में होते है तब सर्किट में किसी भी प्रकार की Knocking नहीं होती है और सर्किट से जुड़े लोड द्वारा इलेक्ट्रिकल पॉवर का maximum उपयोग (utilization) होता है। 
जब सर्किट में Capacitor  या Inductor लगा हो और इस सर्किट को किसी AC वोल्टेज source से जोड़ा जाता है तब इस इलेक्ट्रिकल सर्किट में लगाया गया वोल्टेज तथा करंट एक फेज में न होकर आउट ऑफ़ फेज हो जाते है। करंट और वोल्टेज जितने कोण से आउट ऑफ़ फेज होते है ,उस कोण के Cosine का Numerical Value को ही सर्किट का पॉवर फैक्टर कहते है।

Explanation of Power Factor  

किसी भी इलेक्ट्रिकल  सर्किट के पॉवर फैक्टर से मालूम होता है की यह सर्किट इलेक्ट्रिकल एनर्जी Source से लिए गए कुल इलेक्ट्रिकल पावर कितना हिस्सा Useful Work में Convert करेगा। जिस इलेक्ट्रिकल सर्किट का Power factor जितना अधिक  वह सर्किट उतना ही ज्यादा इलेक्ट्रिकल एनर्जी का बढ़िया उपयोग करता है और उस सर्किट में बहुत ही कम आवाज़ (Knocking) होता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी सर्किट या इलेक्ट्रिकल मशीन या किसी अन्य इलेक्ट्रिकल डिवाइस का पावर फैक्टर 0.9  है और इस लोड को किसी बाह्य विधुत ऊर्जा श्रोत से 100 वाट पावर दिया गया तो यह लोड कुल दिए गए पावर का 90 वाट ही Useful Work में बदल पायेगा।

अर्थात 100 X 0.9 = 90 

किसी भी electrical Circuit तथा Electrical मशीन का Power Factor Maximum कब और कितना हो सकता है ? 

किसी भी इलेक्ट्रिकल सर्किट या मशीन के लिए Power Factor का मान उस सर्किट या मशीन में प्रवाहीत होने वाली करंट तथा वोल्टेज के बीच के कोण के Cosine के Numerical Value के बराबर होता है 

Power Factor  = CosΦ
जहाँ 
Φ = वोल्टेज तथा करंट के बीच का कोण है। 
 हम सभी जानते है की Cos का अधिकतम मान ही ,अधिकतम Power Factor होगा और Cos का maximum Value 1 होता है। जब कोण जीरो  होता है तब Cos का  मैक्सिमम वैल्यू 1  होता है। 
यानी किसी भी सर्किट में Power Factor का मान (Value) अधिकतम होने लिए वोल्टेज तथा करंट के बीच के कोण को न्यूनतम (minimum) होना चाहिए। अर्थात वोल्टेज तथा करंट को एक ही फेज में होना चाहिए। 

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