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लॉजिक गेट क्या है ? : परिभाषा ,प्रकार तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल

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लॉजिक गेट एक प्रकार का  डिजिटल  इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है जिसमे एक या एक से अधिक इनपुट दिए जाने के बाद एक आउटपुट प्राप्त होता है। लॉजिक गेट डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के आधार है। लॉजिक का मतलब तर्क होता है जिसका अर्थ यह हुआ की तर्क के आधार पर बनाया गया विधुत परिपथ जो तार्किक रूप से दिए गए इनपुट के आधार पर एक आउटपुट देता है। लॉजिक गेट स्विचिंग के आधार पर तार्किक रूप से आउटपुट देते है। लॉजिक गेट का निर्माण ट्रांजिस्टर, मॉस्फेट , डायोड ,रिले आदि से बनाया जाता है। इसके इनपुट तथा आउटपुट को  समझने के लिए एक विशेष प्रकार के गणितीय फलन का उपयोग किया जाता जिसे बूलियन फलन या बूलियन Boolean Function कहते है। बूलियन फलन के इनपुट बाइनरी नंबर होते है जिसमे 0 तथा 1 का उपयोग किया जाता है। तर्क के आधार पर 0 तथा 1 का वैल्यू निर्धारित किया जाता है। जैसे किसी परिपथ के लिए 0 का अर्थ 0 वोल्ट इनपुट देना तथा 1 का अर्थ +5 वोल्ट का इनपुट देना हुआ। वही किसी मशीन की बात करे तब 0 का अर्थ मशीन को बंद करना तथा 1 का अर्थ मशीन को चालू या स्टार्ट करना हुआ। किसी स्विच के लिए 0 का अर्थ स्विच ऑफ है तथा 1 का अर्थ स्विच ऑन है। किसी बल्ब के लिए 0 का अर्थ बल्ब नहीं जल रहा है और 1 का अर्थ बल्ब जल रहा है। 

लॉजिक गेट कितने प्रकार के होते है ? 

लॉजिक गेट को दिए गए इनपुट तथा आउटपुट के बीच संबंध तर्क के आधार पर होता है। वैज्ञानिक तर्क के आधार पर बेसिक लॉजिक गेट तीन प्रकार के होते है जो निम्न है :
  • OR गेट 
  • AND गेट 
  • NOT गेट 
लॉजिक गेट के इनपुट तथा आउटपुट के बीच के संबंध को एक सारणी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिसे सत्यता सारणी या Truth Table कहते है। तीनो प्रकार के लॉजिक गेट के लिए सत्यता सारणी तथा उनके संभावित आउटपुट निचे दिए गए है। 

OR गेट क्या है ?

यह एक ऐसा लॉजिक गेट है जिसमे दिए गए इनपुट में से किसी एक भी इनपुट का वैल्यू High अर्थात 1 है तब इसका आउटपुट हमेशा हाई अर्थात 1 होगा। यदि A तथा B दो इनपुट OR गेट को देने से Y आउटपुट प्राप्त होता है तब इसे बूलियन फलन के रूप में निम्न तरीके से व्यक्त किया जाता है। 
or gate
OR गेट को संकेत के रूप में निम्न तरीके से दिखाया जाता है। 
or gate
OR गेट का संकेत 
यदि A  = 0 ,B = 0 तब आउटपुट Y 
Y  = A+B 
Y = 0 + 0 = 0 
Y   = 0 
यदि A  = 0 ,B = 1  तब आउटपुट Y 
Y  = A+B 
Y = 0 + 1  = 1 
Y  = 1 
यदि A  = 1  ,B = 0 तब आउटपुट Y 
Y  = A+B 
Y = 1 + 0 = 1 
Y = 1 
यदि A  = 1  ,B = 1  तब आउटपुट Y 
Y  = A+B 
Y = 1 + 1  = 1 
Y = 1 
इस गेट को दिए गए सभी संभावित इनपुट से प्राप्त आउटपुट को निचे दिए गए सत्यता सारणी में दिखाया गया है 
or gate truth table hindi

OR गेट का सर्किट डायग्राम 

or gate diagram hindi
ऊपर दिए परिपथ में एक विधुत बल्ब L को बैटरी से दो स्विच A तथा B से जोड़ा गया है। यदि दोनों स्विच ऑफ अर्थात A = 0 तथा B = 0 हो तब आउटपुट Y 
Y  = A+B 
Y = 0 + 0 = 0 
Y   = 0  = ऑफ 
अर्थात बल्ब नहीं जलेगा क्योकि 0 का तार्किक मतलब ऑफ होता है। 
यदि स्विच A को ऑफ तथा B को ऑन अर्थात A = 0 तथा B =1 कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = A+B 
Y = 0 + 1  = 1 
Y  = 1 = ऑन 
अर्थात बल्ब जलेगा क्योकि 1 का तार्किक मतलब ऑन  होता है। 
यदि स्विच A को ऑन  तथा B को ऑफ  अर्थात A = 1  तथा B =0  कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = A+B 
Y = 1 + 0  = 1 
Y  = 1 = ऑन 
अर्थात बल्ब जलेगा क्योकि 1 का तार्किक मतलब ऑन  होता है। 
यदि स्विच A को ऑन  तथा B को  भी ऑन अर्थात A = 1  तथा B =1 कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = A+B 
Y = 1 + 1  = 1 
Y  = 1 = ऑन 
अर्थात बल्ब जलेगा क्योकि 1 का तार्किक मतलब ऑन  होता है। 

AND  गेट क्या है ?

यह एक ऐसा लॉजिक गेट है जिसमे दिए गए इनपुट में से किसी एक भी इनपुट का वैल्यू LOW अर्थात 0  है तब इसका आउटपुट हमेशा लो अर्थात 0 होगा। यदि A तथा B दो इनपुट AND  गेट को देने से Y आउटपुट प्राप्त होता है तब इसे बूलियन फलन के रूप में निम्न तरीके से व्यक्त किया जाता है। 
and gate
AND गेट को संकेत के रूप में निम्न तरीके से दिखाया जाता है। 
and gate hindi
AND गेट का संकेत 

यदि A  = 0 ,B = 0 तब आउटपुट Y 
Y  = A.B 
Y = 0.0 = 0 
Y   = 0 
यदि A  = 0 ,B = 1  तब आउटपुट Y 
Y  = A.B 
Y = 0.1 = 0 
Y  = 0 
यदि A  = 1  ,B = 0 तब आउटपुट Y 
Y  = A.B 
Y = 1.0  = 0 
Y  = 0 
यदि A  = 1  ,B = 1  तब आउटपुट Y 
Y  = A.B 
Y = 1.1  = 1 
Y = 1 
इस गेट को दिए गए सभी संभावित इनपुट से प्राप्त आउटपुट को निचे दिए गए सत्यता सारणी में दिखाया गया है

AND गेट का सर्किट डायग्राम 

and gate hindi
ऊपर दिए परिपथ में एक विधुत बल्ब L को बैटरी से दो स्विच A तथा B से जोड़ा गया है। यदि दोनों स्विच ऑफ अर्थात A = 0 तथा B = 0 हो तब आउटपुट Y 
Y  = A.B 
Y = 0.0 = 0 
Y   = 0  = ऑफ 
अर्थात बल्ब नहीं जलेगा क्योकि 0 का तार्किक मतलब ऑफ होता है। 
यदि स्विच A को ऑफ तथा B को ऑन अर्थात A = 0 तथा B =1 कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = A.B 
Y = 0.1  = 0 
Y  =0 = ऑफ 
अर्थात बल्ब नहीं जलेगा क्योकि 0 का तार्किक मतलब ऑफ होता है। 
यदि स्विच A को ऑन  तथा B को ऑफ  अर्थात A = 1  तथा B =0  कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = A.B 
Y = 1. 0  = 0 
Y  =0 = ऑफ 
अर्थात बल्ब नहीं जलेगा क्योकि 0 का तार्किक मतलब ऑफ होता है। 
यदि स्विच A को ऑन  तथा B को  भी ऑन अर्थात A = 1  तथा B =1 कर दिया जाए तो आउटपुट 
Y  = AB 
Y = 1.1  = 1 
Y  = 1 = ऑन 
अर्थात बल्ब जलेगा क्योकि 1 का तार्किक मतलब ऑन  होता है। इसके अतिरिक्त सर्किट से साफ दिखता है की जब तक दोनों स्विच में से कोई भी एक स्विच जब तक ऑफ रहेगा बैटरी से विधुत धारा बल्ब में प्रवाहित नहीं होगी और बल्ब नहीं जलेगा। जैसे ही दोनों स्विच ऑन होंगे विधुत धारा का परवाह बल्ब की तरफ होने लगेगा और बल्ब जलने लगेगा। 

NOT गेट क्या है ?

यह एक ऐसा लॉजिक गेट है जिसमे कोई भी इनपुट देने पर उसका उल्टा आउटपुट देता है। इसलिए इसे नेगशन या इन्वर्टर लॉजिक गेट भी कहा जाता है। इसके इनपुट और आउटपुट के बीच सम्बन्ध को निम्न तरीके से लिखा जाता है। 
not gate hindi
not gate symbol
Not गेट संकेत 
यदि A  = 0  तब आउटपुट Y 
यदि A  = 1    तब आउटपुट Y 
इस गेट को दिए गए सभी संभावित इनपुट से प्राप्त आउटपुट को निचे दिए गए सत्यता सारणी में दिखाया गया है
or gate


इन तीनो प्रकार के लॉजिक गेट को आपस में अलग अलग तरीके से जोड़कर विभिन्न प्रकार के दूसरे लॉजिक गेट बनाए जाते है। इनमे से कुछ मुख्य लॉजिक गेट के नाम निम्न है। इन सभी लॉजिक गेट के बारे में नेक्स्ट पोस्ट में व्यख्या किया जायेगा। इन सभी गेट को यूनिवर्सल गेट भी कहा जाता है क्योकि इनके मदद से किसी भी गेट को बनाया जा सकता है। 
  • NOR गेट 
  • NAND गेट 
  • XOR गेट 
  • XNOR गेट 

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