MCB In Hindi :- परिभाषा, कार्य सिधांत तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी -->

Search Bar

MCB In Hindi :- परिभाषा, कार्य सिधांत तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

Post a Comment

MCB क्या होता है?

MCB का फुल फॉर्म होता है मिनिऐचर सर्किट ब्रेकर। MCB एक तरह का खुद से ऑपरेट होने वाला स्विच होता है। अर्थात Self Operated Switch . यह किसी भी तरह के ओवरलोड या शार्ट सर्किट कंडीशन में सर्किट को ऑफ कर  देता  है। MCB से पहले सर्किट को ओवरलोड या सर्किट से बचाने के लिए सर्किट में फ्यूज का उपयोग किया जाता था। फ्यूज यूज़ करने में दिक्कत यह थी की यह ओवरलोड या सर्किट के कंडीशन में गल (Melt) कर टूट जाता था। और इसे दुबारा हाथ से बदलना पड़ता था। लेकिन MCB आ जाने से यह दिक्कत दूर हो गयी। 
Miniature Circuit Breaker

MCB की कार्य सिंद्धात | Working  Principle Of MCB 

MCB निम्न सिंद्धात पर काम करता है। 
  • (1)विधुत धारा का उष्मीय प्रभाव 
  • (2) विधुत धारा का चुम्बकीय प्रभाव। 
यहाँ हम दो सिद्धांत का विस्तृत अध्ययन करेंगे। 

(1)विधुत धारा का उष्मीय प्रभाव 

MCB में जब ओवरलोड करंट या MCB के रेटेड करंट से ज्यादा मान का करंट चलने लगता है तब MCB में लगे दो विभिन्न धातुओं से बना  पट्टी गर्म होने लगता है और ज्यादा गर्म होने के कारण यह मुड़ (Bend) हो जाता है। जिससे इससे जुड़ा leaver सर्किट को ओपन कर देता है। 

(2) विधुत धारा का चुम्बकीय प्रभाव

MCB से जुड़े लोड के दो या एक फेज तथा न्यूट्रल आपस में जुड़ जाते है तब इसे शार्ट सर्किट कहा जाता है। शार्ट सर्किट होने पर सर्किट में चलने वाले करंट का मान अचानक बढ़ जाता है। अचानक करंट का मान ज्यादा हो जाने के कारण MCB में लगे COIL में एक Strong चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है और यह COIL एक चुम्बक की तरह काम करने लगता है और लीवर से जुड़े Plunger को अपनी तरफ आकर्षित करता है जिससे सर्किट ओपन हो जाता है। 

MCB की कार्य विधि | Operation Of MCB 

यदि MCB में लम्बे समय तक ओवर करंट चलता है तब MCB में लगी दो विभिन्न धातुओं से बनी पट्टी बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है। ज्यादा गर्म होने के कारण यह पट्टी मुड जाती है और अपने पुराने जगह से हट जाती है जिससे लोड main सर्किट से diconnect हो जाता है। जब पट्टी ठंडा हो जाती तब यह पुनः अपने पुराने आकार में आ जाती है और इससे जुड़ा हुआ स्प्रिंग इसे पुनः पुराने स्थान पर जोड़ देता है और सर्किट दुबारा लोड के साथ कनेक्ट हो कर काम करने लगता है। 

सर्किट को शार्ट सर्किट से बचाने के लिए MCB में एक COIL को लोड के साथ सीरीज में जोड़ा जाता है। नार्मल लोड पर इस Coil में न के बराबर चुम्बकीये क्षेत्र उत्पन्न होता है। लेकिन MCB से जुड़े सर्किट में शार्ट सर्किट होता है तब MCB से बहुत ज्यादा करंट अचानक चलने लगता है जिससे यह COIL एक स्ट्रांग मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न करता है तथा एक चुम्बक की तरह कार्य करने लगता है। यह चुम्बक जब लीवर से जुड़े Plunger को अपनी तरफ आकर्षित तब लीवर लोड को सर्किट से डिसकनेक्ट कर देता है। 

MCB का उपयोग 

यह विधुत परिपथ के मुख्य बोर्ड में एक एक प्रोटेक्टिव डिवाइस की तरह उपयोग किया जाता है। कभी कभी इसका उपयोग किसी एक विशेष विधुत उपकरण को सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी उपयोग किया जाता है। यह विधुत परिपथ में एक फ्यूज की तरह कार्य करता है। 

यह भी पढ़े 

Pintu Prasad
I am an Electrical Engineering graduate who has five years of teaching experience along with Cooperate experience.

Post a Comment

Subscribe Our Newsletter