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Power triangle In Hindi : परिभाषा ,डायग्राम तथा फार्मूला - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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 Power Triangle क्या होता है?

किसी ए०सी सर्किट से संबंधित एक्टिव पॉवर ,रिएक्टिव पॉवर तथा अप्परेंट पॉवर के बीच संबंध को एक समकोण त्रिभुज के तीनो भुजाओ द्वारा दिखाया जा सकता है। इस प्रकार संबंध को दिखाने वाले त्रिभुज को Power Triangle कहा जाता है। यह कोई नया तरीका नहीं है। यह Capacitive या Inductive लोड में प्रवाहित होने वाली विधुत धारा फेज़र डायग्राम से लिया गया है। लोड में प्रवाहित होने वाली विधुत धारा (Active Current या Reactive Current) को आरोपित वोल्टेज V से गुणा (Multiply) कर ज्ञात किया जाता है। जैसे की निचे के डायग्राम में दिखाया गया है। 
power triangle in hindi
ऊपर दिया डायग्राम  ए०सी  सर्किट से संबंधित विभिन्न प्रकार के पॉवर को इंगित कर रहा है। इसलिए इसे Power triangle कहते है। यह पॉवर ट्रायंगल निचे दिए गए फेज़र डायग्राम के मदद से बनाया गया है। 
फेज़र डायग्राम
किसी सर्किट द्वारा खपत किए गए पॉवर को एक्टिव पॉवर या रियल पॉवर कहा जाता है। इसका SI मात्रक वाट (W) होता है। ऊपर दिए पॉवर ट्रायंगल में भुजा AB एक्टिव पॉवर को इंगित करता है। इसके अतिरिक्त विधुत पॉवर की वह मात्रा जो लोड द्वारा कुछ समय के लिए अवशोषित कर अगले समय छोड़ी जाती है ,उसे Reactive Power कहा जाता है।  इसका SI मात्रक वोल्ट-एम्पीयर (VAR) या KVAR होता है।  ऊपर दिए गए पॉवर ट्रायंगल में इसे भुजा BC द्वारा दिखाया गया है। 
ए०सी विधुत धारा के वर्ग माध्य मान (RMS Value) तथा वोल्टेज के गुणनफल को अप्प्रेंट पॉवर कहा जाता है। इसे VA में मापा जाता है। ऊपर दिए पॉवर ट्रायंगल में अपरेंट पॉवर को भुजा AC द्वारा दिखाया गया है। 

एक्टिव पॉवर ,रिएक्टिव पॉवर तथा अपरेंट पॉवर में क्या संबंध होता है?

इन तीनो प्रकार के पॉवर के बीच निम्न प्रकार से संबंध स्थापित किया जा सकता है। ऊपर के त्रिभुज में हम देखते है की 
 भुजा AB = एक्टिव पॉवर = P 
भुजा BC = रीएक्टिव पॉवर = Q
भुजा AC = अपरेंट पॉवर  = S
किसी भी समकोण त्रिभुज में हम जानते है कर्ण का वर्ग ,लम्ब तथा आधार के वर्ग के योग के बराबर होता है। अता इसे हम निम्न प्रकार से लिख सकते है :-
AC^{2} = AB^{2}+BC^{2}
S^{2} = P^{2}+Q^{2}
S = \sqrt{P^{2}+Q^{2} }

पॉवर फैक्टर क्या होता है?

पॉवर ट्रायंगल से सर्किट का पॉवर फैक्टर आसानी से ज्ञात किया जा सकता है। किसी भी विधुत लोड या सर्किट का पॉवर फैक्टर एक्टिव पॉवर तथा अपरेंट पॉवर का अनुपात होता  है। अर्थात 
पॉवर फैक्टर फार्मूला
P.F = \frac{P}{{S }}
P.F = \frac{P}{\sqrt{P^{2}+Q^{2} }}
यदि ऊपर के पॉवर ट्रायंगल में देखा जाए तो ये भी एक संबंध प्राप्त होगा 
Cos\phi = \frac{P}{\sqrt{{P^{2}+Q^{2}}}}
अर्थात किसी सर्किट का पॉवर फैक्टर उसमे प्रवाहित विधुत धारा तथा वोल्टेज के बीच कोण के कोसाइन के आंकिक मान के बराबर होता है। और हम यह भी जानते है की कोसाइन का न्यूनतम मान शून्य तथा अधिकतम मान 1 होता है। अतः किसी भी सर्किट का पॉवर फैक्टर शून्य तथा एक बीच होता है जिसे निम्न प्रकार से लिखा जा सकता है।
1\leq pf\geq 0

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