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आग : परिभाषा ,प्रकार तथा आग बुझाने की उपाय - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

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 आग क्या होता है?

ज्वलन के दौरान होने वाली ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया में ज्वलनशील पदार्थ  का बहुत तेजी से आक्सीकरण होता है जिससे बहुत ही ज्यादा मात्रा में ऊष्मा ,प्रकाश तथा दुसरे रासायनिक पदार्थ उत्पन्न होते है। ज्वलनशील पदार्थ के इस प्रकार के आक्सीकरण को ही आग कहा जाता है। आग में जब ज्वलनशील पदार्थ जलते है तब ऑक्सीजन के परमाणुओं के बीच मौजूद कमजोर डबल रासायनिक बंधन टूटते है और ज्वलनशील पदार्थ में मौजूद कार्बन तथा ऑक्सीजन के साथ मजबूत  रासायनिक बंधन बनाते है जिससे कार्बन डाई ऑक्साइड तथा जल के अणु का निर्माण होता है और उत्पाद के रूप में जल तथा कार्बन डाई ऑक्साइड बनता है। इस प्रक्रिया के दौरान बहुत ही ज्यादा मात्रा में उष्मीय उर्जा उत्पन्न होता है जिससे आग का तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है। 

आग से इन्सान उष्मीय उर्जा उत्पन्न प्राप्त करता है। आग उत्पन्न करने  के लिए लकड़ी या दुसरे दहनशील पदार्थ को जलाया जाता है। इससे प्राप्त उष्मीय उर्जा का उपयोग खाना पकाने आदि जैसे बहुत से कार्य किये जाते है। जब तक  आग इन्सान के नियंत्रण में होता है तब तक इससे उपयोगी कार्य किये जाते है। लेकिन जब आग इन्सान के नियंत्रण से निकल जाता है तब यह बहुत ही विनाशकारी रूप धारण कर लेता है और इन्सान को जान माल की बहुत हानि पहुचाता है। 

आग कितने प्रकार की होती है?

वैसे तो आग को वर्गीकृत नहीं किया जा सकता लेकिन जलने वाले पदार्थ के आधार पर आग को निम्न चार वर्गों में वर्गीकृत किया गया है :-
  • श्रेणी - A की आग 
  • श्रेणी - B की आग 
  • श्रेणी - C की आग 
  • श्रेणी - A की आग 

श्रेणी-A की आग क्या होती है?

जब लकड़ी ,कपड़ा ,कागज आदि जैसे पदार्थ में आग पकड़ लेता है तब इसे श्रेणी - A की आग कहा जाता है। इस श्रेणी की आगा ज्यादा घातक नहीं होती है। 

श्रेणी-B की आग क्या होती है?

जब पेट्रोल ,डीजल ,केरोसीन आदि जैसे ज्वलनशील तरल पदार्थ में आग पकड़ लेता है तब इसे श्रेणी - B की आग कहा जाता है। इस श्रेणी की आग श्रेणी A की तुलना में ज्यादा घातक होती है। 

श्रेणी-C की आग क्या होती है?

जब मीथेन ,CNG ,LPG आदि  जैसे ज्वलनशील गैसीय पदार्थ में आग पकड़ लेता है तब इसे श्रेणी - C की आग कहा जाता है। इस श्रेणी की आग श्रेणी-A  एवं श्रेणी-B की तुलना में ज्यादा घातक होती है। 

श्रेणी-D की आग क्या होती है?

जब विधुत सर्किट या विधुत मशीन जैसे जनरेटर ,मोटर या दुसरे विधुतीय उपकरण में आग  पकड़ लेता है तब इसे श्रेणी - D की आग कहा जाता है। इस श्रेणी की आग को काबू में करना थोडा कठिन होता है।

अग्नि शामक यन्त्र क्या होता है? 

हम सभी जानते है की आग बहुत ही ज्यादा घातक  होता है इसलिए इसका नियंत्रित उपयोग बहुत ही जरुरी होता है। किसी कारणवश जब आग अनियंत्रित हो जाती है तब उसपर नियंत्रण करने या बुझाने के लिए जिस मशीन का उपयोग किया जाता है उसे अग्नि शामक यन्त्र कहा जाता है। इसे अंग्रेजी में Fire Extinguishers कहा जाता है। आग के आधार पर अग्नि शामक यंत्र भी चार प्रकार के होते है जो निम्न है :-
  • श्रेणी-A का अग्निशामक यन्त्र  
  • श्रेणी-B का अग्निशामक यन्त्र  
  • श्रेणी-C का अग्निशामक यन्त्र  
  • श्रेणी-D का अग्निशामक यन्त्र  

श्रेणी-A का अग्निशामक यन्त्र  क्या होता है?

इस श्रेणी का अग्निशामक यन्त्र श्रेणी-A की आग बुझाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के यन्त्र में पानी भरा रहता है। 

श्रेणी-B का अग्निशामक यन्त्र  क्या होता है?

इस श्रेणी का अग्निशामक यन्त्र श्रेणी-B की आग को  बुझाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के यन्त्र में सुखा पाउडर या कार्बन डाई ऑक्साइड  भरा रहता है। 

श्रेणी-C का अग्निशामक यन्त्र  क्या होता है?

इस श्रेणी का अग्निशामक यन्त्र श्रेणी-C की आग को  बुझाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के यन्त्र में सुखा पाउडर  भरा रहता है। 

श्रेणी-D का अग्निशामक यन्त्र  क्या होता है?

इस श्रेणी का अग्निशामक यन्त्र श्रेणी-D की आग को  बुझाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के यन्त्र में कार्बन टेट्रा क्लोराइड  भरा रहता है। 

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